#नशा_मुक्त_समाज
करने में संतरामपालजी महाराज का बहुमूल्य योगदान है। जिन्होंने ये नियम बना रखा है कि उनका शिष्य बनने से पहले हर तरह का नशा छोड़ना पड़ेगा।।
क्या कोरोनावायरस का इलाज संभव है? जानिए कैसे खत्म होगा यह वायरस- सैकड़ों वर्ष पहले भी इस तरह की बीमारियां प्रकृति के द्वारा उत्पन्न हुई थी, साथ ही उन्हें खत्म करने वाली दवा भी बनाई जा चुकी थी, परंतु कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी की अभी तक कोई भी दवा नहीं बनी, ना ही इसका कोई इलाज संभव है। जब मनुष्य अपने आपको ईश्वर के बराबर समझने लग जाता है और पशु-पक्षियों पर अत्याचार करता है, अपने कर्तव्यों को भूल कर दूसरों पर अत्याचार करता है, तो इस प्रकार की समस्याएं प्रकृति द्वारा पैदा होती है। आखिर इसका इलाज क्या है? हमारे चारों धर्मों के शास्त्रों में यही बताया गया की सच्ची भक्ति/इबादत करने से हर प्रकार की समस्या(रोग) का समाधान हो सकता है। पवित्र वेदों में बताया गया है कि वह कविर्देव( कबीर परमात्मा)" बंधनों का शत्रु है, पापों का शत्रु है" अर्थात पाप नाश करने वाला है। उसी प्रकार पवित्र कुरान शरीफ में लिखा है कबीर अल्लाह की सच्ची इबादत करने वाले की अल्लाह हर प्रकार सेेेेे मदद करता है, साथ ही गीता व पवित्र कुरान शरीफ में तत्वदर्शी संत/बाखबर की खोज करने के लिए कहा गया है, और...
भगवान कौन है (सत कबीर की दया) ▼ ▼ 1 जून, 2020 को सोमवार है कबीर साहेब द्वारा लीला खेली गई कबीर साहेब द्वारा लीला खेली गई कबीर देव जी अविश्वसनीय भगवान हैं जिन्होंने अपने बच्चों को आकर्षित करने के लिए कई 'लीला' कीं जैसे उन्होंने पवित्र आत्मा दामोदर दास जी, जीव और दत्त के साथ की थी। उन्होंने सर्वानंद के पिछले कर्मों को मिटा दिया और मीरा बाई जी को अपनी शरण में ले लिया। 1 .. अतुल्य भगवान कबीर प्राकृतिक परिवर्तन कर सकते हैं एक बार शुक्लतीर्थ गाँव में दो ब्राह्मण भाई रहते थे, उनमें से सबसे बड़े का नाम जीव और छोटे का नाम दत्ता था। वे दोनों भगवान की बहुत अच्छी आत्माएं और साधक थे। प्रवचनों के माध्यम से, उन्हें पता चला कि सच्चे संत के बिना मोक्ष संभव नहीं है। जब उन्होंने किसी संत का प्रवचन सुना, तो उन्हें लगा कि यह पूर्ण संत हैं। लेकिन दोनों ने सोचा कि संतों को यह जानने के लिए परखा जाना चाहिए कि कौन सही है। इस विचार के साथ, उन्होंने अपने घर के आंगन में वटवृक्ष की एक सूखी शाखा लगाई और कहा कि यदि पेड़ किसी संत के 'चरणामृत' से हरा हो जाता है तो वे उसे पूर्ण गुरु मानेंगे। ...
हिंदू-मुस्लिम और अन्य धर्म की प्रभु प्रेमी आत्माएं विभिन्न प्रकार की मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं का पालन करती हैं। हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के अनुसार वह जिस भगवान, अल्लाह की पूजा करते हैं वह ही श्रेष्ठ, सर्वोच्च और सर्वशक्तिमान है। कबीर जी ( Kabir Ke Dohe in Hindi ) कहते हैं कि मैंने यह शरीर आत्माओं को परमात्मा के बारे में जानने और मुक्त करने के लिए प्राप्त किया है। कबीर जी वास्तव में सर्वोच्च ईश्वर हैं जो एक संत के रूप में प्रकट हुए, वे धर्म और जाति की बेड़ियों से ऊपर थे। कबीर साहिब जी हिंदू और मुसलमान दोनों को कहते थे कि तुम ‘सब मेरी संतान हो’, कबीर साहिब वाणी में कहते हैं कि कहाँ से आया कहाँ जाओगे, खबर करो अपने तन की। कोई सदगुरु मिले तो भेद बतावें, खुल जावे अंतर खिड़की।। भावार्थ: जीव कहाँ से आया है और कहाँ जाएगा? पंडित और मौलवी इसका जबाब धर्मग्रंथों से देते हैं। कबीर साहब कहते हैं कि इस प्रश्न का सही जवाब चाहिए तो किसी सद्गुरु की मदद लो। जब तक अंतर आत्मा से परमात्मा को पाने की कसक नहीं उठेगी तब तक जीव को इस सवाल का सही जवाब नहीं मिलेगा कि इस दुनिया में वो कहाँ से आया है और...
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